शत्रु का नाश करने वाला मंत्र

शत्रु का नाश करने वाला मंत्र

शत्रु का नाश करने वाला मंत्र

किसी ने सच ही कहा है आज के समय मे लोग अपने दुख से दुखी नही है, बल्कि दूसरे के सुख से ज्यादा दुखी है। अक्सर लोग दूसरो के मकान-दुकान आदि देख ईर्ष्या के भाव मन मे लाने लगते है और जब यह प्रतिशोध की भावना अत्यधिक बढ़ जाती है तो दुश्मनी पैदा कर देती है। दुश्मन को बर्बाद करने के लिए लोग क्या-क्या हथकंडे नहीं अपनाते। इसके लिए लोग तंत्र-मंत्र और टोटके आदि का प्रयोग करते है।

शत्रु का नाश करने वाला मंत्र
शत्रु का नाश करने वाला मंत्र

इन शत्रु नाशक मंत्रों के इस्तेमाल से आप अपने जीवन के सभी शत्रुओं का नाश कर सकते है

एक सच्चा और ईमानदार व्यक्ति कभी भी अपने शत्रु का अहित नहीं चाहता। वह हमेशा शत्रु की बजाय शत्रुता को खत्म करने पर विश्वास रखता है। लेकिन जब शत्रु जरूरत से अधिक हानि पहुंचाना शुरू कर दे तो उसका नाश करना जरूरी हो जाता है। यदि आपके जीवन मे भी कोई शत्रु बार-बार आपको परेशान कर रहा है तो शत्रु का नाश करने वाले मंत्र का प्रयोग कर सकते है-

  • शत्रु का नाश करने वाले इस मंत्र का उपयोग गुरूवार या शनिवार के दिन से प्रारंभ करना है। इसके लिए दोपहर 1 बजे का समय सबसे उत्तम है। हालांकि यदि आप उस समय ऑफिस या दुकान पर होते है तो रात मे भी यह उपाय कर सकते है। सर्वप्रथम एक सफेद कागज पर लाल सिंदूर की मदद से दुश्मन का नाम लिख दें। इसके बाद नीचे दिए गए मंत्र की एक माला जप करें-

मंत्र- ऊँ क्षौं क्षौं भैरवाय स्वाहा।।

शत्रु का नाश करने वाले इस मंत्र का जाप आप अपने घर पर या फिर भैरव मंदिर में कर सकते है। इस मंत्र की रोजाना एक माला जाप आपको नियमित रूप से 21 दिन तक करनी है। शत्रु का नाश करने वाले मंत्र का जाप पूरा होने के बाद वह सफेद कागज ले

(जिसपर आपने सिंदूर से शत्रु का नाम लिखा है)और उसे एक शहद की शीशी में बंद करके भैरव भगवान की मूर्ति के पीछे रखकर आ जाए। ऐसा करने से कुछ दिनो के भीतर ही आपके शत्रु का नाश होना शुरू हो जाएगा।

हनुमान जी का शत्रु नाशक मंत्र

हनुमान जी को उनके भक्त सर्व संकटमोचन के नाम से भी जानते है। जीवन में किसी भी प्रकार का संकट क्यों ना आ जाए, यदि सच्चे मन से हनुमान जी की उपासना और पूजा की जाए तो आप हर संकट का सामना डटकर कर सकते है। शत्रुओं का नाश करने के लिए आप हनुमान जी का शत्रु नाशक मंत्र का इस्तेमाल कर सकते है।

  • हनुमान जी का शत्रु नाशक मंत्र का प्रयोग आपको मंगलवार या फिर हनुमान जयंती के दिन से शरू करना है। किसी भी पंचमुखी हनुमान मंदिर जाकर गूगल की धूप जला लें और नीचे दिए गए मंत्र का जाप शुरू करें। पंचमुखी हनुमान मंदिर आसपास ना हो तो घर पर ही एक पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर के सामने भी आप यह उपाय आजमा सकते है-

मंत्र-पूर्व कपि मुखाय पंचमुख हनुमते टं टं टं टं सकल शत्रु संहारणाय स्वाहा।।

इस मंत्र का आपको 7 दिन के भीतर 27,000 बार जाप करना है। जाप पूरी होने के बाद आठवें दिन एक हवनकुंड बनाए और उपरोक्त मंत्र पढ़कर सरसो की 270 आहुतियां दे।

हनुमान जी का शत्रु नाशक मंत्र के इस उपाय मे थोड़ा अधिक समय आपको देना पड़ेगा क्योंकि इसकी जाप लंबी है। लेकिन एक बार यदि आपने इस मंत्र का उपयोग कर लिया तो उसके बाद सभी शत्रु आप सामने नतमस्तक हो जाएंगे।

काली शत्रु विनाशक मंत्र

आज के कलयुग जमाने मे शत्रु आपको बर्बाद करने के लिए किस हद तक जा सकता है, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल ही नही नामुमकिन है। यदि समय पर उसका निवारण ना किया जाए तो वह आगे चलकर आपके और आपके परिवार के लिए घातक साबित हो सकता है।

कुछ लोग सोचते है कि कुछ दिनो मे शत्रु स्वयं ही शांत हो जाएगा। लेकिन शत्रुता की भावना जब तक अपने शत्रु को बर्बाद ना कर दे वह शांत नही हो सकती है। ऐसे मे शत्रुओं को दूर करन के लिए काली शत्रु विनाशक मंत्र का उपयोग उचित माना गया है।

  • काली शत्रु विनाशक मंत्र का प्रयोग अमावस्या की रात्री को अपनाना है। रात 11 बजे स्नान आदि कर एक लाल आसन बिछाकर बैठ जाए। सर्वप्रथम देसी घी का दीपक और धूप बत्ती जलाकर लाल गुलाब से मां की उपासना करे। इसके बाद लाल सिंदूर, लाल वस्त्र, चूड़ियां, चंदन, केसर, बिंदी और मिठाई आदि सभी सुहाग का समान मां के चरणों में अर्पित करे। अब नीचे दिए गए मंत्र की 3, 7 या 11 माला जप करें-

मंत्र- ऊँ ह्रीं क्रां क्रीं क्रों क्रः नमः।।

काली शत्रु विनाशक मंत्र की जाप आपको रूद्राक्ष की माला पर ही करनी है। यह पूरी क्रिया आपको 21 दिन तक बिना किसी अवकाश के नियमित रूप से अपनानी है। इस काली शत्रु विनाशक मंत्र की खासियत है कि ये पहले दिन से ही अपना असर दिखाना शुरू कर देता है। और अंतिम दिन तक तो आपके जीवन मे शत्रु जैसी कोई चीज ही नही रहेगी।

शत्रु उच्चाटन शाबर मंत्र

कार्यक्षेत्र मे या व्यापार के क्षेत्र मे दुश्मन बनना बेहद आम बात है। ऑफिस में यदि आप अपने सहकर्मियों से बेहतर प्रदर्शन कर जल्दी प्रमोशन पाते है और बॉस से तारीफ भी सुनते रहते है तो अक्सर आपके आसपास के लोगो को यह बात पसंद नहीं आती।

वही व्यापार में यदि आप तेजी से तरक्की कर रहे है तो लोग आपसे जलने लगते है और आपके काम पर बुरी नजर लगाते है। प्रौफेशनल क्षेत्र के ऐसे दुश्मनो को दूर करने के लिए शत्रु उच्चाटन शाबर मंत्र का प्रयोग करना चाहिए।

  • शत्रु उच्चाटन शाबर मंत्रो में सबसे अच्छा मंत्र गायत्री मंत्र को ही बताया गया है। इसके लिए सूर्योदय से पूर्व 4 बजे उठकर यह प्रयोग अपनाना है। एक हरा नींबू ले और उसके ऊपर काली स्याही से अपने दुश्मन का नाम लिख दे। एक से अधिक नाम भी आप इस नींबू पर लिख सकते है। इसके बाद उस नींबू के 4 टुकड़े करे और गायत्री मंत्र का 108 बार जाप करें-

गायत्री मंत्र- ॐ भूर्भुवः स्वः

तत्सवितुर्वरेण्यं

भर्गो देवस्य धीमहि

धियो यो नः प्रचोदयात्।।

मंत्रोच्चारण पूरा होने के बाद किसी सुनसान चौराहे पर जाए और नींबू के चारो टुकड़ों को चार दिशाओ में फेंक दे। ऐसा करते ही कार्यक्षेत्र से लेकर व्यापार आदि मे बाधा डालने वाले सभी शत्रु दूर हो जाएंगे। इस शत्रु उच्चाटन मंत्र का प्रयोग कभी भी गलत इरादे से नहीं करना चाहिए।

किसी को आकर्षित करने के टोटके

[Total: 1    Average: 5/5]